हमारी सोच और प्रेरणा

ज्ञान और पोषण के माध्यम से सशक्तिकरण

हमारा विश्वास है कि जब लोगों को अपने शरीर की जैविक आवश्यकताओं और भोजन की रासायनिक संरचना का सही ज्ञान होता है, तो वे बेहतर स्वास्थ्य निर्णय स्वयं ले सकते हैं।

2020 में एक व्यक्तिगत अनुभव से शुरू हुआ अभियान

वर्ष 2020 में, जब चारों ओर स्वास्थ्य को लेकर अनिश्चितता फैली हुई थी, हमारे संस्थापक ने देखा कि कैसे समाज में पोषण संबंधी भ्रांतियां और गलत जानकारियां अनियंत्रित रूप से प्रसारित हो रही थीं। लोग चमत्कारिक दावों और महंगे सप्लीमेंट्स के पीछे भाग रहे थे, जबकि उनकी रसोई में मौजूद पारंपरिक तत्वों की अनदेखी हो रही थी।

एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार में चयापचय असंतुलन की चुनौतियों को करीब से देखने के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि समस्या उपचार की कमी नहीं, बल्कि बुनियादी पोषण साक्षरता का अभाव थी। लोगों को यह ज्ञात ही नहीं था कि माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, विशेष रूप से विटामिन्स और खनिज, रक्त में ग्लूकोज को प्रबंधित करने में कितनी प्राथमिक भूमिका निभाते हैं।

इसी विचार के साथ Nahinup की नींव रखी गई—एक ऐसा मंच जो किसी व्यावसायिक उत्पाद को बेचने के बजाय, निष्पक्ष और विज्ञान-सम्मत ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए समर्पित हो।

संस्थापक और शोध दल

"ज्ञान ही स्वास्थ्य की सबसे बड़ी पूंजी है।"

स्थापना वर्ष: 2020

विचारक एवं शैक्षिक शोधकर्ता

हमारे दल में शामिल शोधकर्ता और पोषण शिक्षक वैज्ञानिक अध्ययनों को सरल और उपयोगी भाषा में अनुवादित करते हैं।

अ.व.

अमित वर्मा

संस्थापक एवं पोषण शिक्षक

बायोकेमिस्ट्री और जनस्वास्थ्य में 14 वर्षों का अनुभव। पारंपरिक भारतीय खान-पान को पोषण विज्ञान के आधुनिक सिद्धांतों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत।

प्र.श.

प्रिया शर्मा

प्रमुख शोधकर्ता, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स

विटामिन्स और खनिजों के इंसुलिन संवेदनशीलता पर प्रभाव का गहन अध्ययन। शैक्षिक सामग्री की तथ्यात्मक सटीकता सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व।

स.म.

सुनील मेनन

जीवनशैली एवं व्यवहार विशेषज्ञ

आदतों के निर्माण और तनाव प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता। दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलावों के माध्यम से सतत स्वास्थ्य परिणामों को प्रेरित करते हैं।

हमारा स्थायी संकल्प

पूर्ण स्वतंत्रता

हम किसी भी दवा कंपनी या वाणिज्यिक पूरक ब्रांड से प्रायोजित नहीं हैं। हमारी सलाह 100% निष्पक्ष रहती है।

स्थानीय अनुकूलता

हम विदेशी या महंगे सुपरफूड्स की जगह स्थानीय भारतीय अनाजों, शाकों और मसालों के पोषण गुणों को प्राथमिकता देते हैं।

वैज्ञानिक प्रमाण

हमारा प्रत्येक लेख और मार्गदर्शन सहकर्मी-समीक्षित अनुसंधानों और स्थापित पोषण सिद्धांतों पर आधारित होता है।